Indian Lyricist, Pedagogist and Poet Rahat Indori Biography, Family, Death and More.

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Rahat Indori Biography

Rahat Indori

Bio/Short Wiki:

Real Name Rahat Indori
Birth Name Rahat Indori
Nick Name Rahat
Gender Male
Birth date 1 January
Birth Year 1950
Death Date 11 August
Death Year 2020
Place of Death Madhya Pradesh, India
Birth Sign Gemini
Profession Indian Lyricist, Pedagogist ,and Poet
Food Habit Non-Vegetarian
Famous For world’s famous, Charming and intelligent Indian Lyricist,

Pedagogist ,and Poet

Family:

Father Name Rafatullah Qureshi (Cloth Mill Worker)
Mother Name Maqbool Un Nisa Begum
Brother Name Name not Available
Sister Name Name not Available
Wife Name Seema Rahat
Siblings 03
Son Name Faisal Rahat, and Satlaj Rahat
Daughter Name Shibli Irfan

Relationalship’s & Affairs:

Marital Status Married
First Wife’s Name Anjum Rehbar
Marriage Year 1988
Divorce Year 1993
Wife’s Name Seema Rahat
Marriage Year Not Known
Girlfriend/Affairs Anjum Rehbar , and Seema Rahat
Last Girlfriend Seema Rahat

Personal Life:

Country India
Nationality Indian
Birth Place Indore, Madhya Pradesh, India
Hometown Indore, Madhya Pradesh, India
Raise In Indore, Madhya Pradesh, India
Ethnicity Not Known
Caste Not Known
Religion Muslim
School Nutan School Indore, Madhya Pradesh, India
College/University Islamia Karimia College, Indore, Madhya Pradesh, India

Barkatullah University, Bhopal, Madhya Pradesh, India

Bhoj University, Bhopal, Madhya Pradesh, India

Education Qualification M.A. in Urdu Literature 1975

Ph.D. in Urdu Literature in 1985

Language Known Hindi and Urdu
Hobbies Singing, Poetry
Smoking Habit Yes
Drinking Habit Yes

Residence:

Old Residence:  Indore, Madhya Pradesh, India

Last Residence: Indore, Madhya Pradesh, India

Physical State & Body:

Height (Approx.) 5”7’ or 1.70 m or 170 cm
Weight 72 Kg or 159 lbs
Body Measurement Not Known
Chest Size Not Known
Waist Size Not Known
Hip Size Not Known
Bicep Size Not Known
Body Type Athletic
Body Color Normal
Eye Color Dark Brown
Hair Color Semi Bald
Dress Size 6 (US)
Shoe Size 08 (US)
Sexual Orientation Straight
Tattoos Not Known

Social Media Appearances:

Instagram, Facebook, Twitter

Career:


Active Year                   : Not Known – 2020


Awards, Nominations and Achievements:


  • In the year 2018, at MTV Movies & TV Awards Rahat Indori was honored with Best Onscreen Team Award.
  • In the year 2019, at Hollywood Critics Association Awards Rahat Indori was honored with Next Generation of Hollywood Award.

Who is Rahat Indori?


Rahat Indori is a world’s famous handsome, charming and intelligent India poet, lyricist and pedagogist. Rahat Indori was born on January 1,1950 in Indore, Madhya Pradesh, India and he was raised at the same place. Rahat Indori’s father’s name was Rafatulla Qureshi who was a mill worker. Rahat Indori’s mother’s name was Maqbool Un Nisa

Begum. Rahat Indori has three siblings.  


Education of Rahat Indori:


Rahat Indori attended Nutan School in Indore, M.P. India. Rahat Indori went to Islamia Karimia College, Indore, M.P. India. Rahat Indori went to Bhoj University, Bhopal, M.P. India for his further education.


Facts about Rahat Indori:


  • Rahat Indori’s birth name is also Rahat Indori.
  • Rahat Indori‘s nick name is Rahat.
  • Rahat Indori said that his lucky numbers are 1.
  • Net Worth: Not Known (Rahat Indori does not disclose her salary)

Last Tweet of Rahat Indori:


“कोविड के शरुआती लक्षण दिखाई देने पर कल मेरा कोरोना टेस्ट किया गया, जिसकी रिपोर्ट पॉज़िटिव आयी है.ऑरबिंदो हॉस्पिटल में एडमिट हूँ दुआ कीजिये जल्द से जल्द इस बीमारी को हरा दूँ एक और इल्तेजा है, मुझे या घर के लोगों को फ़ोन ना करें, मेरी ख़ैरियत ट्विटर और फेसबुक पर आपको मिलती रहेगी”.

The famous Indian Lyricist, Pedagogic and Poet of rahat indori past away in aurobindo hospital Indore dated on 11 August 2020 due to heart attack and he was also suffered from corona Virus.


Some famous poetries of Rahat Indori:


“जो आज साहिबे मसनद हैं कल नहीं होंगे
किराएदार हैं ज़ाती मकान थोड़ी है
सभी का ख़ून है शामिल यहां की मिट्टी में
किसी के बाप का हिन्दोस्तान थोड़ी है”

“ज़ुबां तो खोल, नज़र तो मिला, जवाब तो दे
मैं कितनी बार लुटा हूं, मुझे हिसाब तो दे”

“लोग हर मोड़ पे रुक रुक के संभलते क्यों हैं
इतना डरते हैं, तो घर से निकलते क्यों हैं”

“एक ही नदी के हैं ये दो किनारे दोस्तों
दोस्ताना ज़िंदगी से, मौत से यारी रखो”

“प्यास तो अपनी सात समंदर जैसी थी
नाहक हमने बारिश का एहसान लिया”

“प्यास तो अपनी सात समंदर जैसी थी
नाहक हमने बारिश का एहसान लिया”

“प्यास तो अपनी सात समंदर जैसी थी
नाहक हमने बारिश का एहसान लिया”

“प्यास तो अपनी सात समंदर जैसी थी
नाहक हमने बारिश का एहसान लिया”

“प्यास तो अपनी सात समंदर जैसी थी
नाहक हमने बारिश का एहसान लिया”


ज़ुबाँ तो खोल नज़र तो मिला जवाब तो दे मैं कितनी बार लूटा हूँ मुझे हिसाब तो दे।

लोग हर मोड़ पे रूक रूक के संभलते क्यूँ है इतना डरते है तो घर से निकलते क्यूँ है।


शाखों से टूट जाए वो पत्ते नहीं है हम आँधी से कोई कह दे के औकात में रहे।

आँखों में पानी रखो होठों पे चिंगारी रखो जिंदा रहना है तो तरकीबें बहुत सारी रखो।

एक ही नदी के है यह दो किनारे दोस्तो दोस्ताना ज़िन्दगी से, मौत से यारी रखो।


फूक़ डालूगा मैं किसी रोज़ दिल की दुनिया ये तेरा ख़त तो नहीं है की जला भी न सकूं।

कही अकेले में मिलकर झंझोड़ दूँगा उसे जहाँ जहाँ से वो टूटा है जोड़ दूँगा उसे |

मुझे वो छोड़ गया ये कमाल है उस का इरादा मैंने किया था की छोड़ दूँगा उसे।


जा के ये कह दो कोई शोलो से, चिंगारी से फूल इस बार खिले है बड़ी तय्यारी से

बादशाहों से भी फेंके हुए सिक्के ना लिए हमने ख़ैरात भी माँगी है तो ख़ुद्दारी से।


प्यास तो अपनी सात समन्दर जैसी थी, ना हक हमने बारिश का अहसान लिया।

मैंने दिल दे कर उसे की थी वफ़ा की इब्तिदा

उसने धोखा दे के ये किस्सा मुकम्मल कर दिया

शहर में चर्चा है आख़िर ऐसी लड़की कौन है

जिसने अच्छे खासे एक शायर को पागल कर दिया।


मज़ा चखा के ही माना हूँ मैं भी दुनिया को समझ रही थी की ऐसे ही छोड़ दूंगा उसे।

हर एक हर्फ का अन्दाज बदल रक्खा है आज से हमने तेरा नाम ग़ज़ल रक्खा है

मैंने शाहों की मोहब्बत का भरम तोड़ दिया मेरे कमरे में भी एक ताजमहल रक्खा है।

कभी महक की तरह हम गुलों से उड़ते हैं,

कभी धुए की तरह परबतों से उड़ते हैं,

ये कैंचियाँ हमें उड़ने से ख़ाक रोकेंगी,

के हम परों से नहीं हौसलों से उड़ते हैं…


तूफ़ानों से आँख मिलाओ, सैलाबों पे वार करो

मल्लाहों का चक्कर छोड़ो, तैर के दरिया पार करो

फूलों की दुकानें खोलो, ख़ुशबू का व्यापार करो

इश्क़ ख़ता है तो ये ख़ता एक बार नहीं सौ बार करो।


 

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